तकदीर शायरी

तकदीर शायरी

यूँ न होती गैरों सी तकदीर अपनी वक्त ने अगर कुछ साथ दिया होतागमों का सिलसिला शायद थम जाता अगर उसने हाथ अपना बढ़ाया होता

कुछ हार गयी तकदीर कुछ टूट गए सपने.. कुछ गैरों ने बर्बाद किया कुछ छोड़ गए अपने

मेरी तकदीर को बदल देंगे मेरे बुलंद इरादे, मेरी किस्मत नहीं मोहताज मेरे हाँथों की लकीरों की !!!

तकदीर के लिखे पर कभी शिकवा न कर, तू अभी इतना समझदार नहीं हुआ है की रब के इरादे समझ सके..

हथेली की लकीरों में तू लिखता है तकदीर और खुदा कहलाता है , तेरे ही लिखे को निभाते हुए कोई फ़रिश्ता तो कोई हैवान बन जाता है ..

चंद लाइनों में लिखी तकदीर के वो चंद हर्फों का खेलकि सारी जिंदगी एक तमाशा सा बन कर रह गयी ….

अरे !तकदीर के रोने तो वो रोते हैं जिन के हाथ में कलम नहीं होती ,उठा कलम और अपनी तकदीर खुद लिखने के इल्म को हासिल कर

ज़िन्दगी मिलती हे हिमत वालो को, ख़ुशी मिलती हे तकदीर वालो को, प्यार मिलता हे दिल वालो को, और आप जेसा दोस्त मिलता हे तकदीर वालो को

Taqdeer Shayari (2022) In Hindi, English 2 line

Taqdeer Shayari (2022) In Hindi, English 2 line

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