Mata Rani Shayari

Mata Rani Shayari

देखि माँ जो तेरी सुरत इक नजर छाने लगा माँ तेरा नशा मुझ पर लगी ऐसी मुझे प्यार की लग्न हो गयी मैं मैया मीरा जैसी मग्न.

उतारूँ मैं आरती अंबे तेरी मैया भर दे झोली तू मेरी रख अपना हाथ सर पर मेरे पौन चारों तरफ दर्शन तेरे.

चारों और है छाया अँधेरा कर दे माँ रोशन जीवन मेरा तुझ बिन कौन यहाँ है मेरा तू जो आये सामने हो जाये सवेरा.

शान्ति अमन के इस देश से अब बुराई को मिटाना होगा आतंकी रावण का दहन करने आज फिर श्री राम को आना होगा

जय माता दी, जय माता दी, करता जाऊं शाम सवेरे माता तुमने मिटा दिए, मेरे जीवन के सभी अंधेरे..।।

हे माँ तू शोक दुःख निवारीनी, सर्व मंगल कारिनी, चंड-मुंड विधारिनी, तू ही शुंभ-निशुंभ सिधारिनी।।

माता का हाँथ पकड़कर रखिए, लोगों के पाँव पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सदा भवानी दाहिनी, सन्मुख रहे गणेश पंच देव मिल रक्षा करें ब्रम्हा विष्णु महेश।

Mata Rani (2022) Shayari Hindi 2 Line

Mata Rani (2022) Shayari Hindi 2 Line

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