Dil Shayari

Dil Shayari

तेरा ख़याल तेरी तलब और तेरी आरज़ू, इक भीड़ सी लगी है मेरे दिल के शहर में।

दिल लेके मुफ्त कहते हैं कुछ काम का नहीं, उल्टी शिकायतें हुईं अहसान तो गया।

आज भी कितना नादान है दिल समझता ही नहीं, बाद बरसों के उन्हें देखा तो दुआएँ माँग बैठा।

शादी से पहले दिल तरसता था, तेरी जवानी को देखकर दिल बहकता था.

कोई क्या करे यहाँ तो सब दीवाना है, वहां किसका चक्कर चाहता है तो इस दुनिया का क्या ठिकाना है.

आज दिल दीवाना है ये प्यार का मस्ताना है, इसे ये मत समझों ये तो जवानी का खजाना है.

वो पुस्तक बेकार है जिसमें कवर न हो, वो लड़की बेकार है जिसको लव न हो.

क्या तुमने तीर चलाया खाली जगह देखकर, मैं तो पागल हो गया तेरे होठों की लाली देखकर.

Latest Dil Shayari In Hindi, English 

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