Boy Attitude Shayari

Boy Attitude Shayari

अपनी ज़िद को अंजाम पर पहुँचा दूँ तो क्या, तू तो मिल जायेगी पर तेरी मोहब्बत का क्या?

खुद्दारियों में हद से गुजर जाना चाहिए, इज्जत से जी न पाये तो मर जाना चाहिए।

रहते हैं आस-पास ही लेकिन पास नहीं होते, कुछ लोग मुझसे जलते हैं बस ख़ाक नहीं होते।

मिज़ाज में थोड़ी सख्ती लाज़िमी है हुज़ूर, लोग पी जाते समंदर अगर खारा न होता।

मेरी सादगी ही गुमनाम में रखती है मुझे, जरा सा बिगड़ जाऊं तो मशहूर हो जाऊं।

उगते हुए सूरज से मिलाते हैं निगाहें, हम गुजरी हुई रात का मातम नहीं करते।

सहारे ढूढ़ने की आदत नहीं हमारी, हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर हैं।

सहारे ढूढ़ने की आदत नहीं हमारी, हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर हैं।

थोड़ी खुद्दारी भी लाजिमी थी दोस्तो, उसने हाथ छुड़ाया तो हमने छोड़ दिया।

Boy Attitude Shayari In Hindi, English 2 Lines