Alone Shayari

Alone Shayari

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी, हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है।

एक तेरे ना होने से बदल जाता है सब कुछ कल धूप भी दीवार पे पूरी नहीं उतरी।

दिल गया तो कोई आँखें भी ले जाता, फ़क़त एक ही तस्वीर कहाँ तक देखूँ।

कभी जब गौर से देखोगे तो इतना जान जाओगे, कि तुम्हारे बिन हर लम्हा हमारी जान लेता है।

ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों, जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया।

सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का, मैं एक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता।

एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है, और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुजरता नहीं।

तुम क्या गए कि वक़्त का अहसास मर गया, रातों को जागते रहे और दिन को सो गए।

Alone Shayari (2022) In Hindi, English 2 Line

Alone Shayari (2022) In Hindi, English 2 Line