बारिश शायरी, Barish Shayari In Hindi, Romantic Barish Shayari 2 Line October 6, 2021 by admin

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हमे बिलकुल अप के लिए कुछ खास करना चाहिए इसलिए हम आपके लिए लेकर आए है बारिश शायरी जिसे आप ग्रीटिंग कार्ड, व्हाट्सएप्प या फिर सोशल मीडिया पर लिख दे सकते है| यह बहुत ही शानदार और दिल को छू लेने वाली शायरी है |

बारिश शायरी हिंदी 2 लाइन

चलो इस बारिश में समंदर के सफर पर चलें बारिश
की बूंदों को लहरों पर थमते हुए देखें मछुआरों के जाल में,
वक्त को उलझाकर, यादों की सीपी से खुशियों के लम्हे चुने

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क्षितिज पर जहां सूरज का विश्रांति स्थल है।
जहां से आसमान पर चढ़ती हैचांद की डोली
चलो ना इस बारिश में मिट्टी की सौंधी खुशबू
और अमृत घन की मिठास समंदर में घोल दें
फिररेत पर अपने कदमों के निशानअगले सफर तक छोड़ दें।

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पत्तों की गोद में बैठा वो बूंद टक टकी लगाए आसमां
की ओरन जाने किन ख्यालों में खोया थापत्तों के
सिरहाने पे सिर टिकाएतारों के बीच कुछ ढूंढ़ रहा था !!!

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प्यासी निगाहें बरस गई,
बरसी निगाहें तरस गईसावन की
आई बारिश में कितनी दरिया टूट गई

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निकल पड़े हैं मौसम ख़ुशगवार देखकर
सावन की बारिश का मल्हार देखकर बस्ती में
बह रही है राहों पे दरियामिट्टी भी संग चले हैं दिलदार
देखकर कानों में गूँजती है बूँदों की झनकार है राँ हूँ मैं
कुदरत का फनकार देखकर

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ये दौलत भी ले लो ये शोहरत भी ले लो,
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी,
मगर मुझको लौटा दो वो बचपन का
सावनवो काग़ज़ की कश्‍ती वो बारिश का पानी.

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“वो बारिश की बूंदों का गालों से सरकना ,
वो बारिश की बूंदों का होटों से टपकना,
वो यौवन की आभा का बारिश में थिरकनावो
मन का डगर से बारिश में फिसलना,
क्या आएगा मौसम ये फिर से दोबारा ,
वो बारिश की बूंदे वो बूंदों की धारा।””

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आज इतना ही धुआं है कि मैं जल न सकूं आज
इतना ही दर्द है कि मैं रो न सकूंअबके बरसात में
इक बूंद भी हासिल न हुआइतना प्यासा हूं कि
पानी को भी छू न सकूं

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आ लौट के तू आ जा, पहलू उदास हैबरसात में जलता
दिल का चिराग हैतू तो बड़ा प्यासा है पर जानती हूँ
मैंसमंदर नहीं तुमको सहरा की तलाश है

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हर ओर से कयामत उठाया है जिगर नेशायद ये मेरे खून
में चढ़ता शबाब हैसावन का पपीहा भी रो-रो के थक
गयाएक बूँद के खातिर वो इतना हताश है

barish shayari In Hindi

Barish Shayari In Hindi 2022

बिजली बन कर चमकती मेरे मन की आग।
आहें मेरी बन गईं न्यारे-न्यारे राग।।
सावन की भीगी है रात, सखी सुन री मेरी तू बात।
है नैनों में आँसुओं की धार, जिया न लागे हमार

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मेरे आँसू बरसते लोग कहें बरसात।पल-पल आवत याद है
पिया मिलन की रात।।कोयल की दरदीली तान सखि दिल में मारत बान।
अब कैसे हो मुझ को करार, जिया न लागे हमार।

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बरसात कि भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई
कुछ अपना जमाना याद आया कुछ उनकी जवानी याद
आई हम भूल चुके थे जिसने हमे दुनिया में अकेला
छोड़ दिया जब गौर किया तो एक सूरत जानी पहचानी याद आई

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भींग जाती हैं पलके तन्हाई में !
डरते हैं कोई जान न लें…..!!
पसंद करते हैं तेज़ बरसात में चलना !
कही रोते हुए को कोई पहचान न ले

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कई लम्हे बरसात की बूंदे हैं नाकाबिले-गिरफ्तसीने पे
आकार लगते हैं और हाथ बढ़ा की इससे
पहले फिसल कर टूट जाते हैं

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आज फिर तेरी याद आई बारिश को देख कर,
दिल पर ज़ोर ना रहा अपनी बेक़सी को देख कर,
रोए इस क़दर तेरी याद में,कि बारिश भी थम
गई मेरी अश्कों के बारिश देख कर।

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गिरती हुई बारिश के बूंदों को अपने हाथों से समेट लो,
जितना पानी तुम समेट पाए, उतना याद तुम हमें करते हो,
जितना पानी तुम समेट ना पाई, उतना याद हम तुम्हे करते हैं।””””

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ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रातएक अंजान
हसीना से मुलाकात की रातहाय वो रेशमी ज़ुल्फ़ों से
बरसता पानीफूल से गालों पे रुकने को तरसता पानी दिल
में तूफ़ान उठाते हुए दिल में तूफ़ान उठाते हुए हालात की रात.

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डर के बिजली से अचानक वो लिपटना उसका
और फिर शर्म से बलखाके सिमटना उसका कभी
देखी न सुनी ऐसी होकभी देखी न सुनी ऐसी तिलिस्मात कि रात

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कुछ नशा तेरी बात का है,कुछ नशा धीमी बरसात का है,
हमे तुम यूँही पागल मत समझो,
ये दिल पर असर पहली मुलाकात का है!!

barish shayari Hindi 2021 2 line

Romantic Barish Shayari 2 Line

कल उसकी याद पूरी रात आती रही,
हम जागे पूरी दुनिया सोती रही,
आसमान में बिजली पूरी रात होती रही,
बस एक बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही

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“Aaj halki halki baarish hai,
Aaj sard hawa ka raqs bhi hai,
Aaj phool bhi nikhray nikhray hain,
Aaj un main tumhara aks bhi hai.”

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“In barisho se adab-e-mohobbat seekho faraz,
agar ye ruth bhi jayen to barasti bohot hain.”

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Bheegy Mosam Ka Bheega Sa Sath,
Bhula Hua Waqt Bhuli Hui Baat,
Wo Bheegi si Aankhen,
Wo Bheegi Si Yaad Mubarak
Ho Aap Ko Barsaat.

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Itni Shidat Se To Barsaat Bhi Kam Barse,
Jis Tarah Ankh Teri Yaad Main Cham Cham Barse,
Minatein Kon Kare Aik Gharonde Ke Liye,
Kah Do Baadal Se Barasta Hai To Jam Jam ke Barse.

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“Ae Barish jara tham ke baras,
Jab mera yaaar aa jaye to jam ke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki wo jaa na sake.”

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“Barish ki tarah tujh pe barasti rahein khushiyan,
Har boond tere dil se har ik ranj mita de.”

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“Rim jim barasti barish, Tim Tim tapakta pani,
Ye shor keh raha hai bas ik kami hai jana,
Teri yad aarai hai .”

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“Mousam bhi hai suhana barish bhi ho rahi hai,
Bas ik kami hai jana teri yad aa rahi hai.”

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“Wo mere roo baroo aya bhi to Barishon k mosam mein,
Mere aansoo beh rahe the wo barsat samajh betha.”

romantic barish shayari for girlfriend

Barish Shayari Status In Hindi

Woh Baarish ki bunde…Woh Pyara sa Ehsaas,
Woh thandi Hawaayein, Woh tera saath,
Sab yaad hai mujhe Who hamari pehli barsaat.

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“Barishon ke mosam main
Tum ko yaad karney ki Aadatien purani hain,
Ab ki bar socha hai Aadatien badal dale,
Phir khayal aaya ke Aadatien badalne se
Barishen nahin ruktien.”

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“Hum se kahiye dard k qissay,
Hum se kijiye runj ki baat,
Hum pe beete kya kya mousam,
Tanha dil, laakhon aafat,
Aaj hi dil kuch thehra tha,
Aur aaj hi aankhain khushk si thi,
Aaj hi zaalim toot k barsi,
MOUSAM KI PEHLI BARSAAT!.”

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“Jab Jab Aata Hai Ye Barsaat Ka Mausam,
Teri Yaad Hoti Hai Sath Humdum,
Is Mausam Mein Nahi Karienge
Yaad Tujhe Ye Socha Hai Humne…
Par Phir Socha Ki Baarish Ko
Kaise Rok Paayeinge Hum….”

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“Pyaar baarish ki bundho ki tarah hai,
Jikso chune ki khwaish mein,
Hatheliyan to Gili ho jati hai,
Par haath hamesha khali hi rehti hain…”

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Khyalon mein wahi, sapno mein wahi,
Lekin unki yaadon mein hum the hi nahi,
Hum jaagte rahe duniya soti rahi,
Ek baarish hi thi, jo humare sath roti rahi.

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Aye barish zara tham ke baras,
Jab mera yaar aa jaye to jam ke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki woh ja na sake.

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Bin badal barsaat nahin hoti,
Suraj doobe bina raat nahin hoti,
Ab kuchh aise haalat hain hamare ki,
Aapko dekhe bagair din ki shuruwat nahin hoti.

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Kash meri zindegi mein aaye ek aisi barsaat
Mere hath mein ho tera hath
Bheegte rahein hum saari raat
Honth rahe khamosh
Bas aankhon se ho teri meri baat

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Is barish mein mujhe tera pyar bhi
Kachchi mitti ki maanind laga
Ke jaise chand lamhon ki inayaton ke baad
Zameen ko sara saal pyasa rehna hai.

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Mausam tha beqarar tumhein sochate rahe
Kul raat bar bar tumhein sochate rahe
Baarish hui to lag kar ghar ke dareeche se hum
Chup chap beqarar tumhein sochate rahe.

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Barishon ke mosam mein, Tum ko yaad karney ki,
Aadatien purani hain!. Ab ki bar socha hai,
Aadatien badal dalein, Phir khayal aaya ke ,
Aadatein badalne se, Barishein nahin rukti.

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In barishon se adab-e-mohobbat seekho faraz,
Agar yeh ruth bhi jayein to barasti bohot hain.

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Jab Jab Aata Hai Yeh Barsaat Ka Mausam
Teri Yaad Sath Hoti Hai Hamdum,
Socha Is Mausam Mein Tujhe Yaad Nhi Karenge,
Par Fir Socha Ki Hum Barish Ko Kaise Rok Payenge…

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